अफगानिस्तान के कई इलाकों में जिहादी गुट तालिबान की बढ़ती पकड़ के बीच राजधानी काबुल के उत्तर में पिछले 20 वर्षों से आतंकियों के विरुद्ध संघर्ष का केन्द्र रहे बगराम एयरबेको स अमेरिकी और नाटो के सैनिकों ने छोड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अमेरिकी सेना 11 सितम्बर तक पूरी तरह से अफगानिस्तान से बाहर हो जाएंगी। वर्ष 2001 में 11 सितम्बर को ही अमेरिका पर अलकायदा में आतंकी हमला किया था। उस समय अलकायदा का मुख्य केन्द्र अफगानिस्तान ही था। अलकायदा के हमले के बाद, अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने 2001 में ही तालिबान और अलकायदा को नष्ट करने के उद्देश्य से अफगानिस्तान में मिशन शुरू किया था।
जर्मनी और इटली ने भी कहा है कि अफगानिस्तान में उनका मिशन बुधवार को खत्म हो गया है। विदेशी सेनाओं की वापसी के बाद देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी अफगान सरकार पर होगी।
इस बीच, विदेशी सैनिकों की वापसी को देखते हुए तालिबान ने कई जिलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिससे वहां गृहयुद्ध छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
